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China Tianwen-1 mars mission in hindi


दोस्तों क्या आप चायना के मंगल मिशन के बारे मे जानते नही तो चलिये जान लेते है 
चायना की स्पेस एजन्सी (CNSA) के मंगल मिशन का नाम है Tianwen-1 दोस्तों  ये चायना का पेहला स्वतंत्र मंगल मिशन है ये एक रोबोटिक स्पेसक्राफ्ट है इस स्पेसक्राफ्ट मे एक ऑर्बिटर , लँडर और रोव्हर डाला गया है और आपको बात दू की (Tianwen) शब्द का अर्थ होता है 
(Quest for heavenly truths)
 यानी की 
(स्वर्ग के सत्यो की खोज) 
इस मिशन का नाम तो बोहोत दमदार है तो चलिये अब इसके काम के बारे मे जान लेते है 

  • Tianwen-1 मिशन  
23 जुलै 2020 को चायना के हैनान प्रांत के वेनचांग लाँच साईट से चायना के एक हेवी लिफ्ट रॉकेट लाँग मार्च - 5 से लाँच किया गया था ये रॉकेट धरती के जियोस्टेशनरी ऑर्बिट तक 14,000 कीलोग्रम तक के पेलोडस की ले जा सकता है इस स्पेसक्राफ्ट का वजन 5000 हजार किलोग्राम है लाँच के 7 महिने बाद 30 करोड मिल की दुरी तय करके 10 फरवरी 2021 को मंगल ग्रह की कक्षा मे पहुंचा 

और क्या आपको पता है की पेहले चायना अपना मंगल मिशन रशिया के साथ मिलकर करणे वाला था और दोनो मान भी गये थे नवंबर 2011 को रशिया का फोबोस 
(grunt) नाम का अपना स्पेसक्राफ्ट मंगल के लिये लाँच किया उसके साथ चायना का (Yinghuo-1) नाम का एक मार्स ऑर्बिटर स्पेसक्राफ्ट भी लाँच किया लेकीन लाँच के कूच समय बाद की रॉकेट फट गया और धरती के बाहेर भी नहीं जा पाया उसके बाद चायना ने अपना खुद का मिशन लाँच करणे का घोषित किया 

तो दोस्तों चायना के इस मिशन का मकसद है की पेहले वो अपने ऑर्बिटर को मंगल की कक्षा मे स्थापित करेगा और फिर लँडर को मंगल की सतह पर लँड करवायेगा और अगर वो ऐसा करणे मे कामयाब हो जाते है तो चायना अमेरिका और सोव्हिएत युनियन के बाद मंगल की सतह पर सफलता पूर्वक लँड करणे वाला तिसरा देश बन जायेगा 

इस मिशन मे कुल 13 scientific instruments भेजे गये है 

  1. Mars magnetometer 
  2. High resolution camera 
  3. Spectrometer 
  4. Orbital subsurface radar 
  5. Particle analyser 
  6. Ground penetrating radar
  7. Multi spectrum camera
  8. Mars surface compound detecter
  9. Mars meteorology measurement instrument
  10. Mars surface magnetic field detector
  11. Medium resolution camera
  12. Navigation and topography camera
  13. Mass energetic particle analyser 

इन (instruments) की मदत से वो टोटल पांच सायंटिफिक गोल्स को कंप्लीट करना चाहते हैं 
  1. मंगल की सतह का स्ट्रक्चर कैसा है और वो कैसे (evolve) हूआ 
  2. मंगल ग्रह की सतह की नीचे कितनी लेयर्स हे और की वहा पर पाणी है 
  3. मंगल की सतह पर कोण कोणसे (rocks , minerals और elements मौजूद है
  4. मंगल की वातावरण मे (धूल , मिट्टी के कन , बादल ,और वह के क्लायमेट चेंज को स्टडी करना 
  5. मंगल के इंटर्नल structure को स्टडी करना मंगल की magnetic फील्ड की स्टडी करना 
इस तरह वो नाकी सिर्फ मंगल के करंट फॉर्म को बल्की भूतकाल मे हूए (evolution) बारे मे भी स्टडी करना चाहता है 
और चायना इसी मिशन द्वारा 2030 तक मंगल ग्रह की सतह से सँपल कलेक्ट करने की प्लॅनिंग भी की हे 

अब चायना का स्पेसक्राफ्ट मई या जून 2021 तक मंगल ग्रह की स्टडी करेगा की वहा पर वो अपनी लँडिंग साईट की अच्छे स्कॅन करेगा (analyse) करेगा और फिर उस मिशन के वैज्ञानिक मई या जून के महिने मे लँडर को मंगल की सतह पर लँड करवायेंगे 
ईसकी लँडिंग साईट होगी (utopia planitia)  ईसी साईट पर रशिया के viking-1 और viking-2 lander उतरे थे नासा ने बताया है की वहा पर आइस के फॉर्म मे पाणी है

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